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Motto Keto – वजन घटाने के उपाय (भारत)

Содержимое1 एक प्रसिद्ध छात्रा जो मूलतः मुंबई से है, उसे वजन कम करने के एक नायाब तरीके…


एक प्रसिद्ध छात्रा जो मूलतः मुंबई से है, उसे वजन कम करने के एक नायाब तरीके को खोजने के लिए एक्सलेन्स अवार्ड ऑफ हैल्थ से नवाजा गया — इसमें व्यक्ति बिना केमिकल, भूखे रहे या एक्सर्साइज़ के 13 किलो/सप्ताह तक कम कर लेता है।

2019 की गर्मियों में यूरोपियन कांग्रेस ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी स्पेशलिट्स के वार्षिक सम्मेलन में बहुत ही आश्चर्यजनक घटना हुई। पूरे हॉल के बड़े-बड़े डॉक्टर स्टेज पर खड़े हुए एक लड़की के लिए 10 मिनट तक खड़े होकर तालियां बजाते रहे। यह लड़की थी सुनीता जोशी, मुंबई से एक भारतीय छात्रा। इस भारतीय छात्रा ने अपना नायाब फॉर्मूला पब्लिश किया था जिससे बहुत कम समय में दुबला हुआ जा सकता है और इसके लिए खाने में कमी भी नहीं करनी होती।

सुनीता ने एक बहुत ही बढ़िया आइडिया पेश किया था और साइंस सेंटर तुरंत इसे अमल में लाने में लग गए। एंडोक्राइनोलॉजी इंस्टीट्यूट, द मैडिसिन अँड फार्मेसी यूनिवर्सिटी, द रिसर्च एंड डेवेलपमेंट इन बायोलॉजी एंड न्यूट्रिशन इंस्टीट्यूट और कई और स्पेशलिस्ट इस नुस्खे को बनाने की तैयारी में लग गए। इसे बनाया जा चुका है और इसके रिज़ल्ट बहुत बढ़िया हैं।

यह नया नुस्खा लाखों लोगों की ज़िंदगी कैसे बचाएगा और भारत के नागरिक इसे लगभग फ्री में कैसे पा सकते हैं — आज इस लेख में यही पढ़ें।

रिपोर्टर: » सुनीता, आप दुनिया की टॉप 10 मेडिकल छात्रों में आती हैं। आपने आखिर मोटापे पर काम करना क्यों चुना?»

देखिए मैं इसके बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा बात नहीं करना चाहती लेकिन आपको बता देता हूँ कि इसके पीछे के कारण निजी थे। कई साल पहले मेरी माँ का हाई ब्लड प्रेशर से देहांत हो गया था जो उन्हें मोटापे के कारण था। सब ठीक था पर एक रात उन्हें नींद में ही लकवा मार गया और वो बहुत तकलीफ़ में गुजर गईं। ऐसा ही मेरी दादी के साथ हुआ था। तभी से मैंने वजन कम करने के बारे में बहुत विस्तार से पढ़ना शुरू कर दिया। मैं तो दंग रह गया जब मुझे पता चला कि डाइटिंग, कड़ी एक्सर्साइज़, गोलियाँ और लिपोसक्शन — 90% मामलों में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं और समस्या को और गंभीर बना देते हैं।मेरी मम्मी भी करीब 5 साल तक कई तरह की डाइटिंग करती थीं और साथ में एरोबिक्स का कॉम्बिनेशन करती थीं।

मैं पिछले 3 साल से इस विषय पर बहुत पढ़ाई कर रही थी। आज जिस नए तरीके के बारे में आज सब बातें कर रहे हैं वह मेरे दिमाग में तब आया था जब मैं अपनी थीसिस कर रही थी। मैं तभी समझ गई थी कि मैंने कुछ नया खोज लिया है लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि इतनी सारी कंपनियां और रिसर्च सेंटर इसके पीछे पड़ जाएंगे।

आप कौन सी कंपनियों की बात कर रहे हैं?

जैसे ही मेरे वजन घटाने लेख प्रकाशित हुए तो मुझे मेरे आइडिया को बेचने के कई ऑफर आने लगे। सबसे पहले फ्रांस के लोग आए जिन्होंने मुझे 1,20,000 यूरो का ऑफर दिया। मुझे आखरी ऑफर एक अमेरिकन फार्मास्यूटिकल होल्डिंग कंपनी से आया था जो मेरे आइडिया के लिए साढ़े तीन करोड़ डॉलर देने को तैयार थे। मैं तो इन लोगों से इतना परेशान हो गई कि मुझे अपना फोन नंबर बदलना पड़ा और मैंने अपने सोशल मीडिया के अकाउंट में लॉगिन करना भी बंद किया क्योंकि यह लोग रोज मुझसे बात करने की कोशिश करते थे और मुझे ढूंढते रहते थे।

लेकिन जहां तक मुझे पता है आपने यह फार्मूला नहीं बचा, यह सही है ना?

नहीं, मैंने इसे नहीं बेचा। थोड़ा अजीब लग सकता है पर मैंने यह नया तरीका इसलिए नहीं खोजा कि विदेश के लोग इसे पैसा कमा सके। जरा सोचिए यदि मैं इसे विदेश में बेच देती तो क्या होता? ये लोग इसका पेटेंट करा लेते, दूसरी किसी कंपनी को इसे बनाने से रोकते और रेट महंगे हो जाते। मेरी उम्र कम है पर मैं बेवकूफ़ नहीं हूँ। भारत के लोगों को ठीक होने का मौका ही नहीं मिलेगा। विदेश के डॉक्टर ने तो मुझसे कहा था कि ऐसी चीज की कीमत कम से कम $3,000 होनी चाहिए। लेकिन मेरी नज़रों में यह बिल्कुल गलत है, आप ही बताइए भारत में कितने लोग इसके लिए $3,000 की कीमत चुका सकते हैं।

यही कारण है कि मैंने अपने ही देश में प्रोडक्ट डेवलपमेंट का ऑफर स्वीकार कर लिया। हमने एंडोक्राइनोलॉजी इंस्टीट्यूट, द मैडिसिन अँड फार्मेसी यूनिवर्सिटी, द रिसर्च एंड डेवेलपमेंट इन बायोलॉजी एंड न्यूट्रिशन इंस्टीट्यूट के साथ काम किया है। अब प्रोडक्ट के क्लिनिकल ट्रायल पूरे हो चुके हैं और यह लोगों के लिए उपलब्ध है।

प्रोडक्ट डेवलपमेंट की कोओर्डिंनेटर कल्पना मिश्रा जी थीं — ये मुंबई की एक प्रसिद्दध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, एमपीयू अकैडमीशियन हैं। हमने मिश्रा जी से प्रोडक्ट के बारे में और बताने और भविष्य के प्लान बताने के लिए कहा।

रिपोर्टर: » सुनीता के आइडिया में आखिर ऐसा क्या है? क्या इससे बिना परहेज और खेल-कूद के वजन कम किया जा सकता है?»

सुनीता का आइडिया बिल्कुल उसी तरह है जैसे कार के लिए जीपीएस या मैप होता है — यह वजन कम करने का सबसे कम समय लगने वाला तरीका बताता है। यही नहीं, इस तरीके का असर पूरी ज़िंदगी तक रहता है।

सुनीता के फॉर्मूला के आधार पर बने प्रोडक्ट में सुपर ऑक्सीडेंट हैं जो हमारे दिमाग के एक हिस्से (सेरेब्रल एमिग्डेल) को कैलोरी जमा करना, त्वचा के नीचे चर्बी जमना बंद करने और जंक फूड के प्रति भूख दबाने का सिग्नल भेजता है। इसका नाम है Motto Keto .

Motto Keto — यह एक नया प्रोडक्ट है जो आपको लगातार सात दिन लेना होता है। एक बॉक्स में 25 एक्सट्रैक्ट होते हैं ताकि वसा जलने की गति 10 गुना बढ़ जाए एक्टिवेशन मार्ग इस प्रोडक्ट से मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, एंडोक्राइन सिस्टम वापस ठीक हो जाता है, ऊतकों का पुनर्निर्माण उत्प्रेरित होता है और भूख दबती है। यह प्रोडक्ट 100% नेचुरल है और मानव शरीर में प्राकृतिक प्रक्रियाओं को सक्रिय रूप से प्रेरित करता है। तेज मेटाबॉलिज्म के कारण वसा जलने लगती है, डाइटिंग की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसका नतीजा यह होता है कि — त्वचा के नीचे दिक्कत वाली जगहों पर जमी चर्बी हमेशा के लिए जल जाती है और 50 ग्राम/24 घंटे की तेज गति से जलती है!

ये रहे उन प्रतिभागियों के रिज़ल्ट जिन्होंने Motto Keto की टेस्टिंग में हिस्सा लिया था:

28 दिन तक Motto Keto देने के बाद रिज़ल्ट

14 दिन तक Motto Keto देने के बाद रिज़ल्ट

21 दिन तक Motto Keto देने के बाद रिज़ल्ट

7 दिन तक Motto Keto देने के बाद रिज़ल्ट

रिपोर्टर: » बहुत बढ़िया! लेकिन आपके प्रोडक्ट को दवाई की दुकानों में भी बेचा जाएगा या नहीं? इसकी कीमत क्या रखी गई है?»

जैसे ही इन लोगों को पता चला कि हमने एक बहुत असरदार प्रोडक्ट बना लिया है तो दवाई की बड़ी-बड़ी कंपनी पर हमला चालू कर दिया। उन लोगों ने सुनीता को अपना फार्मूला बेच देने के लिए भी ऑफर दिया था लेकिन उन लोगों का उद्देश्य इस प्रोडक्ट को बनाना नहीं था, वे तो चाहते थे कि इसका प्रोडक्शन हो ही नहीं। आज के दिन मोटापे का इलाज फार्मास्यूटिकल मार्केट में बहुत बड़ी कमाई करके देता है। सिर्फ भारत में ही अरबों रुपए की दवाइयाँ हर साल बेची जाती है। हमारा प्रोडक्ट मार्केट की इस स्थिति को पूरी तरह से बदल सकता है। जरा सोचिए, इसके आने के बाद भला कौन हर महीने पुराने बेकार के प्रोडक्ट पर पैसा खर्चा करेगा जब Motto Keto का एक कोर्स मोटापे को हमेशा के लिए दूर कर देगा?!

दवाई कंपनियां और दवाई की दुकानों में गहरी सांठगांठ होती है। दोनों को बस दवाई की बिक्री में दिलचस्पी होती है। आज के दिन हमारा प्रोडक्ट रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट इन बायोलॉजी एंड न्यूट्रिशन भारत द्वारा वजन कम करने के लिए सुझाया एकमात्र प्रोडक्ट है पर इसके बाद भी यह लोग इसके बारे में सुनना तक नहीं चाहते।

रिपोर्टर: «लेकिन यदि यह प्रोडक्ट दवाई की दुकानों में नहीं मिलेगा तो हम इसे कैसे ले सकते हैं?»

हमने फैसला किया कि हम इसे दवाई की दुकानों से नहीं बेचेंगे क्योंकि ये लोगो वैसे भी हमसे बात भी नहीं करना चाहते। इसलिए हमने Motto Keto का डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूशन करने का फैसला किया है। अब बीच में दवाई की दुकानों जैसा कोई बिचौलिया नहीं होता। हमने कई विकल्पों पर विचार किया और सबसे असरदार तरीका चुना। जिसे भी Motto Keto लेनी होती है वह एक ड्रॉ में हिस्सा लेता है, इसके बाद एक कंसलटेंट उसे वापस फोन करके परामर्श देता है और प्रोडक्ट मिल जाता है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट इन बायोलॉजी एंड न्यूट्रिशन भारत के फैसले के अनुसार दिनांक को, कोई भी ड्रॉ में हिस्सा ले सकता है। आज हर कोई इंटरनेट पर जा सकता है और इसके लिए आपके पास कंप्यूटर भी होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज इंटरनेट वाला स्मार्ट फोन हर किसी के पास है।

 

जिसे भी चाहिए हो, वह ड्रॉ में 22.11.2021 (सहित) तक हिस्सा ले सकता है । यह अभियान रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट इन बायोलॉजी एंड न्यूट्रिशन भारत के सौजन्य से चलाया जा रहा है ताकि हर किसी को इस दवा के बारे में पता चल सके। हमें उम्मीद है कि इसकी खबर तेजी से फैलेगी और इससे फायदा उठाने वाले सभी लोग इसे अपने दोस्त-भाइयों को सुझाएंगे।

रिपोर्टर: प्रोडक्ट का रेट क्या है?

फिलहाल हम, रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट इन बायोलॉजी एंड न्यूट्रिशन भारत से बात कर रहे हैं जिससे खरीददार को लगभग पूरा रेट वापस मिल जाए। 90% से अधिक तो हो ही जाए। किस्मत से, विशेषज्ञ में जानते हैं कि ऐसा सप्लिमेंट हर किसी के लिए उपलब्ध होना चाहिए और कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह जाना चाहिए। हमने भी इस फॉर्मूला को बाहर बेचने का फैसला नहीं लिया और इसे एक्सपोर्ट नहीं किया, इसलिए यह केवल भारत में उपलब्ध है।


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